पन्ना जिले के रैपुरा में 15 दिनों से पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीणों ने खाली बर्तन लेकर चक्काजाम किया। महिलाओं और ग्रामीणों ने जल आपूर्ति व्यवस्था में भेदभाव के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
रीवा जिले की क्योंटी कैनाल में एक साल से पानी न छोड़े जाने से नाराज किसानों ने चकाजाम कर प्रदर्शन किया। किसानों ने नहर सफाई में भ्रष्टाचार, मिट्टी बिक्री और बढ़ते पेयजल संकट को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पेयजल व्यवस्थाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कंट्रोल रूम, टैंकर आपूर्ति, हैंडपंप सुधार और शिकायत निवारण पर विशेष जोर दिया गया।
सतना कृषि उपज मंडी में भीषण गर्मी के बीच किसान और हम्माल पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। करोड़ों का मंडी शुल्क वसूलने के बावजूद वाटर कूलर बंद हैं, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है।
चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के जल संकट को लेकर विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बाणसागर, नर्मदा परियोजना और नए बांधों की प्रगति पर चर्चा करते हुए जल्द समाधान का भरोसा दिया गया।
सीधी जिले में बढ़ती गर्मी और सूखते जलस्रोतों के कारण वन्यजीव अब पानी की तलाश में गांवों तक पहुंचने लगे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगलों में पानी की व्यवस्था करने की मांग उठाई है।
सतना मेडिकल कॉलेज में पांच माह से जारी जलसंकट, लिफ्ट और बिजली समस्याओं पर छात्रों का प्रदर्शन तेज हुआ। कलेक्टर की फटकार के बाद इंजीनियरों ने पंद्रह दिनों में स्थाई समाधान और आपात सुधार का भरोसा दिया।
सतना मेडिकल कॉलेज में पांच महीनों से जल संकट बना हुआ है। छात्रों के विरोध के बाद प्रबंधन ने टैंकर और मोटर से अस्थायी राहत दी, जबकि पाइपलाइन सुधार के लिए दस दिन का आश्वासन मिला है।
पन्ना के पवई में 87 करोड़ की जल परियोजना के बावजूद लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। एजेंसी और नगर परिषद के बीच तालमेल की कमी से जनता अब भी जल संकट झेलने को मजबूर है।
सिंगरौली के कपुरदेई में हजारों आदिवासी दूषित नाले का पानी पीने को मजबूर हैं, हैंडपंप खराब और योजनाएं फेल। शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं, ग्रामीणों ने स्थायी पेयजल व्यवस्था की मांग उठाई है।






















